अमेरिका की एक्टिविजन ब्लिजार्ड भेदभाव व हरासमेंट में फंसी, सैलरी व प्रमोशन में महिलाओं से भेदभाव भी किए

20 जुलाई को अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य की सरकार ने वीडियो गेम कंपनी पर भेदभाव और हरासमेंट के आरोप में कोर्ट में केस कर दिया है। कंपनी का नाम एक्टिविजन ब्लिजार्ड है। कंपनी ने अपने ऑफिस में ऐसा माहौल बनने दिया जिससे महिला कर्मचारियों से सेक्सुअल...

अमेरिका की एक्टिविजन ब्लिजार्ड भेदभाव व हरासमेंट में फंसी, सैलरी व प्रमोशन में महिलाओं से भेदभाव भी किए

20 जुलाई को अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य की सरकार ने वीडियो गेम कंपनी पर भेदभाव और हरासमेंट के आरोप में कोर्ट में केस कर दिया है। कंपनी का नाम एक्टिविजन ब्लिजार्ड है। कंपनी ने अपने ऑफिस में ऐसा माहौल बनने दिया जिससे महिला कर्मचारियों से सेक्सुअल हरासमेंट को बढ़ावा मिला। साथ ही वेतन और प्रमोशन में भी भेदभाव करने का आरोप लगा है।

पिटीशन से इंडस्ट्री के कई प्रमुख वीडियो गेम स्टूडियो में भी ऐसी ही वर्क कल्चर के मामले देखने को मिले हैं।

कंपनी के दुनियाभर में करोड़ों एक्टिव यूजर मौजूद एक्टिविजन कंपनी ने ही वर्ल्ड ऑफ वार क्राफ्ट, ओवरवॉच और कॉल ऑफ ड्यूटी जैसे पॉपुलर गेम बनाए हैं। 2016 में कैंडी क्रश के पब्लिशर किंग को खरीदने के बाद उसके यूजर्स और अधिक बढ़ गए। कंपनी के दुनियाभर में 43 करोड़ 50 लाख एक्टिव यूजर हैं। 2021 की पहली तिमाही में उसकी आय लगभग 15 हजार करोड़ रुपए रही।

अश्वेत महिलाओं से ज्यादा भेदभाव हुआ कैलिफोर्निया के फेयर इंप्लॉयमेंट और हाउसिंग डिपार्टमेंट (DFEH) ने दो साल की जांच के बाद पिटीशन लगाई है। जांच से पता लगा कि महिलाओं के साथ वेतन और प्रमोशन में भेदभाव होता है। उनकी सैलरी भी कम है। उन्हें पुरुष कर्मचारियों से अधिक काम करना पड़ता है।

एक्टिविजन में खासतौर से अश्वेत महिलाओं से ज्यादा भेदभाव होता है। पिटीशन में कहा गया है कि कंपनी का HR डिपार्टमेंट शिकायत करने वाली महिलाओं का साथ नहीं देता है। शिकायत के बदले उनके ही खिलाफ ट्रांसफर जैसी कार्रवाई होने लगती है। हालांकि कंपनी ने आरोपों को गलत बताया है।

गेयरबॉक्स की CEO पर भी आरोप लग चुके हैं वीडियो गेम इंडस्ट्री में कर्मचारियों के हरासमेंट के आरोप नए नहीं हैं। 2019 में रॉयट गेम्स के कर्मचारियों ने सेक्सुअल हरासमेंट के विरोध में काम करने से मना कर दिया था। कैलिफोर्निया में पिटीशन के बाद कंपनी ने महिला कर्मचारियों को 74 करोड़ रुपए मुआवजा दिया था।

पिछले साल एक अन्य प्रमुख कंपनी यूबिसॉफ्ट पर भी सेक्सुअल हरासमेंट के आरोप सामने आए थे। 2019 में वार्नर ब्रदर्स के इंटरएक्टिव नीदररिएल्म स्टूडियो में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। साथ ही गेयरबॉक्स की CEO पर भी आरोप लग चुके हैं। क्वांटिक ड्रीम स्टूडियो के प्रमुख पर 2018 में नस्लवाद का आरोप लगा था।

सेक्सुअल हरासमेंट से महिला ने सुसाइड का कदम तक उठाया कोर्ट में पेश डॉक्यूमेंट के अनुसार महिलाओं ने उनके पहनावे पर कमेंट करने, पुरुष कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा रोमांस की पेशकश करने जैसी ढेरों शिकायतें की हैं। एक महिला ने तो सेक्सुअल हरासमेंट से परेशान होकर सुसाइड कर ली। शराब पीने के बाद मदहोश पुरुष कर्मचारी महिलाओं पर अश्लील कमेंट और बर्ताव करते हैं।

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